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Class 10 Science Chapter-10 प्रकाश -परावर्तन तथा अपवर्तन V.V.I Subjective Question In Hindi

Class 10 Science Chapter-10 प्रकाश -परावर्तन तथा अपवर्तन V.V.I Subjective Question In Hindi

प्रश्न:1 प्रकाश के परावर्तन के नियमों को लिखें और इसे किरण आरेख से दायें।

उत्तर:-  प्रकाश की किरणें जब किसी चिकने सतह पर पड़ती हैं तो परावर्तित हो जाती हैं। यह घटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है। प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं…

(i) आपतित किरण, परावर्तित किरण और परावर्तक सतह पर आपतन बिन्दु से डाला गया अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।

(ii) आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।

 

प्रश्न:2 समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब का साइज और प्रकृति कैसी होती है?

उत्तर:- समतल दर्पण (Plane Mirror) द्वारा बना प्रतिबिंब

(i) बिम्ब (object) के समान प्रतिबिंब का साइज होता है।

(ii) प्रतिबिम्ब दर्पण के उतना ही पीछे बनता है जितनी दूरी पर वस्तु समतल दर्पण के सामने होती है।

(iii) काल्पनिक (virtual) प्रतिबिंब बनता है।

 

प्रश्न:3  एक समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया रेखा दिखावें।

उत्तर:-

चित्र से स्पष्ट है कि A बिन्दु वस्तु का आभासी प्रतिबिंब I बनता है।

A का समतल दर्पण से दूरी = I का समतल दर्पण से दूरी

 

प्रश्न:4 गोलीय दर्पण द्वारा सूर्य के प्रकाश में किसी कागज के कतरन को कैसे जलाया जा सकता है?

उत्तर:- गोलीय अवतल दर्पण के परावर्तक सतह को सूर्य से आने वाली किरणों के सामने रखा जाता है। सूर्य से चलने वाली समांतर किरणें दर्पण से परावर्तित होकर फोकस पर अभिसरित होती हैं। अगर अवतल दर्पण के फोकस पर कागज के कतरन रख दिये जायें, तो यह जल उठता है। क्योंकि समांतर किरणें एक बिंदु पर अभिसरित होती हैं और काफी ऊष्मा उत्पन्न करती हैं। कागज का कतरन दर्पण के फोकस पर रखने पर जलने लगता है।

 

प्रश्न:5 अवतल दर्पण के सामने वस्तु को कहाँ रखने पर प्रतिबिम्ब समान आकार का बनेगा? रेखा चित्र से दिखावें।

उत्तर:-

अवतल दर्पण के वक्रता केन्द्र पर रखा गया बिम्ब का प्रतिबिंब वास्तविक उल्टा और समान आकार का होगा।

AC वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब CA’ है।

 

प्रश्न:6 एक अवतल दर्पण पर समांतर किरण पुंज आपतित कराने पर परावर्तित किरण पुंज का किरण आरेख दिखावें।

उत्तर:-

 

 

प्रश्न:7  प्रकाश क्या है?

उत्तर:-  दृष्टि के भौतिक अनुभूति को प्रकाश कहते हैं—प्रकाश वस्तुओं को दृश्यमान बनाता है। कोई वस्तु उसपर पड़ने वाले प्रकाश को परावर्तित करती है और वह परावर्तित प्रकाश हमारी आँखों द्वारा ग्रहण होता है तब हमें वस्तुओं को देखने योग्य बनाता है।

 

प्रश्न:8  अवतल, उत्तल एवं समतल दर्पण के दो-दो उपयोगों को लिखें

उत्तर:- 

                अवतल दर्पण का उपयोग

(i) दाढ़ी बनाने के लिए चेहरा देखने में,

(ii) डॉक्टर इसका उपयोग कान, मुँह आदि के अंदर प्रकाश फोकस कर अंदर की बीमारी का पता लगाते हैं।

(iii) मोटरगाड़ी के अग्रदीपों में

(iv) सौर कुमर में सूर्य में प्रकाश को केन्द्रित करने में।

                उत्तल दर्पण का उपयोग-

(i) साइड मिरर के रूप में।

(ii) रोड लाइट में परावर्तक सतह के रूप में।

(iii) अपसारी किरण उत्पन्न करने में।

समतल दर्पण के दो उपयोग-

(i) सोलर कुकर में परावर्तक सतह के रूप में।

(ii) चेहरा देखने में।

 

प्रश्न:9  गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिए नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी दर्शायें।

उत्तर:- 

(i) बिम्ब सदैव दर्पण के बायीं ओर रखा जाता है। इसका अर्थ है कि दर्पण पर बिम्ब से प्रकाश बाई ओर से आपतित होता है।

(ii) मुख्य अक्ष के समांतर सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव से मापी जाती हैं।

(iii) मूल बिंदु के दाईं ओर (+x-अक्ष के अनुदिश) मापी गई सभी दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं जबकि मूल बिन्दु के बाईं ओर (-X-अक्ष के अनुदिश) मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।

 

प्रश्न:10  गोलीय दर्पण की आवर्धन क्षमता कितनी है?

उत्तर:- गोलीय दर्पण की आवर्धन क्षमता = प्रतिबिंब की ऊँचाई / बिंब की ऊँचाई= h’/h

अगर बिंब की दूरी हैं u और प्रतिबिंब की दूरी v है तो

आवर्धन (m) = -v/u=h’/h

स्पष्ट है कि अवतल दर्पण के प्रकरण में वास्तविक प्रतिबिंब के लिए आवर्धन ऋणात्मक और आभासी प्रतिबिंब के लिए आवर्धन धनात्मक होता है। उत्तल दर्पण के प्रकरण में आवर्धन सदैव धनात्मक होता है।

 

प्रश्न:11  किसी अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र और फोकस के बीच एकवस्तु को रखा गया है। किरण आरेख से प्रतिबिंब की स्थिति, आकार और प्रकृति को दिखावें।

उत्तर:- प्रतिबिंब वक्रता केंद्र के बाहर, वास्तविक और उल्टा बनता है। प्रतिबिंब आवर्धित (बड़ा) है।

 

 

प्रश्न:12  अवतल दर्पण, उत्तल दर्पण और समतल दर्पण को छूकर एवं बिना छूये हुए कैसे पहचान करेंगे?

उत्तर:- अवतल दर्पण को छूने पर पता चलता है कि इसका परावर्तक सतह नत होता है। उत्तल दर्पण का परावर्तक सतह उभरा होता है। समतल दर्पण का परावर्तक सतह समतल होता है। तीनों दर्पणों के फोकस के भीतर एक वस्तु पिन को बारी-बारी से रखा जाता है। जिस दर्पण में वस्तु पिन का प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा दिखाई पड़े वह अवतल दर्पण है। जिस दर्पण में वस्तु का प्रतिबिंब आभासी, सीधा, छोटा दिखाई पड़े, वह उत्तल दर्पण है। जिस दर्पण में वस्तु का प्रतिबिंब आभासी, सीधा और वस्तु के आकार के बराबर दिखाई पड़े, वह समतल दर्पण है।

 

प्रश्न:13   गोलीय विपथन (Spherical abberation) से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- जब बड़े द्वारक (aperture) वाले गोलीय दर्पण में प्रधान अक्ष के समान्तर आपतित किरणें परावर्तन के बाद फोकस से नहीं गुजरती हैं, तो इसी दोष को गोलीय विपथन कहा जाता है। इस दोष से बचने के लिए सामान्यतः परवलीय दर्पण का उपयोग किया जाता है।

 

प्रश्न:14 नई कार्तीय चिह परिपाटी के अनुसार किसी गोलीय दर्पण में आवर्धन किस प्रकार बदलता है?

उत्तर:-  अवतल दर्पण के प्रकरण में वास्तविक प्रतिबिम्ब के लिए आवर्धन ऋणात्मक और अभासी प्रतिबिम्ब के लिए आवर्धन धनात्मक होता है। उत्तल दर्पण के प्रकरण में आवर्धन सदैव धनात्मक होता है क्योंकि उत्तल दर्पण से बनने वाला प्रतिबिम्ब सदैव ही आभासी और सीधा होता है।

 

प्रश्न:15   किरण पुंज कितने प्रकार के हैं। स्वच्छ रेखा चित्र. से इन्हें दिखावें।

उत्तर:- किरण पुंज तीन प्रकार के होते हैं-

(i) अभिसारी किरण पुंज

(ii) अपसारी किरण पुंज और

(iii) समांतर किरण पुंज।

 

प्रश्न:16  कालिख से पुता हुआ गोला जब पानी में रखकर देखा जाता है तो वह चमकीला दिखाई पड़ता है। क्यों?

उत्तर:- पानी तथा गोले के ऊपर कालिख के बीच हवा की एक परत होती है। पानी तथा हवा के इस परत के बीच की सतह से प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिससे गोला चमकीला दिखाई पड़ता है।

 

प्रश्न:17   निम्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए-

(a) किसी कार का अग्रदीप

(b) उत्तल दर्पण के प्रधान अक्ष पर रखे बिंब के प्रतिबिंब के लिए एक किरण आरेख खींचें और प्रतिबिंब की प्रकृति, आकार (साइज) एवं स्थान को लिखें।

उत्तर:- 

(a) अग्रदीप का परावर्तक सतह गोलीय अवतल दर्पण होता है जो बल्ब द्वारा उत्पन्न प्रकाश को परावर्तित कर समांतर दिशा में प्रक्षेपित करता है। ऐसी अवस्था में कार चालक दूर तक रास्ते में आने वाले वस्तुओं को देख लेता है।

(b) MN एक उत्तल दर्पण है। प्रधान अक्ष पर AB वस्तु लम्बवत् रखा गया है। AB का प्रतिबिम्ब दर्पण के ध्रुव P और फोकस F के बीच बनता है। प्रतिबिम्ब आभासी (सीधा) आकार में छोटा है। प्रतिबिम्ब F के भीतर बनता है।

प्रश्न:18   गोलीय दर्पण क्या है? एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है तो इसकी फोकस दूरी क्या है?

उत्तर:-  ऐसे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय है, गोलीय दर्पण कहलाते हैं। हम जानते हैं कि फोकस दूरी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है।

f=1/2 R चूँकि, R= 20 cm

:.f=1/2 x20 = 10 cm

अतः फोकस दूरी = 10 cm

 

प्रश्न:19  प्रकाश के अपवर्तन नियमों को लिखें।

उत्तर:-  प्रकाश के एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर उसकी दिशा में होने वाले परिवर्तन की घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहा जाता है।

अपवर्तन के नियम

(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिन्दु पर अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।

(ii) प्रकाश के किसी खास रंग के लिए आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या में एक निश्चित अनुपात होता है जिसे अपवर्तनांक कहते हैं। इस नियम को स्नेल का नियम भी कहा जाता है।

प्रश्न:20  अपवर्तनांक को परिभाषित करें। हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है?

उत्तर:- अपवर्तनांक-किसी माध्यम में अपवर्तनांक (u) की परिभाषा निर्वातमें प्रकाश (C) और इस माध्यम में प्रकाश की चाल (v) के अनुपात के रूप में दी गई है।

हवा में प्रकाश के वेग की अपेक्षा हीरे में प्रकाश का वेग कम होगा। अतः हवा से चलने वाली प्रकाश की किरण हीरा में प्रवेश करने पर अभिलंब की ओर झुक जायेगी।

हीरे का अपवर्तनांक = हवा में प्रकाश का वेग / हीरे में प्रकाश का वेग

• 2.42 = 3×10⁸/v

• v = 3×10⁸/2.42=3×10¹⁰/242 = 12.4×10⁸ m/s

 

प्रश्न:21  सामान्य नेत्र 25 सेमी से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते?

उत्तर:-  25 सेमी की दूरी पर रखी वस्तुओं को आँख स्पष्ट रूप से देखता है लेकिन 25 सेमी से कम निकट रखी वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दृष्टि पटल पर स्पष्ट रूप से नहीं बनता है। अत: मानव वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाती है।

 

प्रश्न:22  प्रकाशिक घनत्व क्या है?

उत्तर:-  प्रकाशिक घनत्व का एक निश्चित संपृक्तार्थ होता है। यह द्रव्यमान घनत्व के समान नहीं है। जिस माध्यम का प्रकाशिक घनत्व अधिक होता है वह सघन माध्यम है, अन्यथा वह विरल माध्यम होगा। विरल माध्यम से प्रकाश किरण सघन माध्यम में प्रवेश करती है तो यह अभिलंब की ओर मुड़ जाती है और जब सघन माध्यम से प्रकाश की किरणें विरल माध्यम में अपवर्तित होती हैं तो यह अभिलंब से दूर हट जाती हैं।

 

प्रश्न:23  आभासी प्रतिबिंब क्या है?

उत्तर:- किसी स्रोत से आने वाला प्रकाश परावर्तन या अपवर्तन के बाद एक बिंदु पर नहीं मिलता है, बल्कि परावर्तित अथवा अपवर्तित किरणों को पीछे बढ़ाने पर एक बिंदु पर मिले, तो आभासी प्रतिबिंब बनता है। यह प्रतिबिंब हमेशा सीधा और पर्दे पर लेना असम्भव है।

 

प्रश्न:24  प्रकाश किरण और प्रकाश पुंज में क्या अंतर है?

उत्तर:-  प्रकाश के बिंदुपथ को प्रकाश किरण कहते हैं। किरणों के प्रकाश पुंज कहते हैं। टॉर्च से निकलने वाली किरणें प्रकाश पुंज का उदाहरण है।

 

प्रश्न:25  वास्तविक प्रतिबिम्ब क्या है?

उत्तर:- किसी स्रोत से आने वाला प्रकाश परावर्तन या अपवर्तन के बाद एक बिन्दु पर मिलती है तो वास्तविक प्रतिबिम्ब बनता है। वास्तविक प्रतिबिम्ब हमेशा उल्टा और पर्दे पर आसानी से लिया जा सकता है। हमारा नेत्र रेटिना पर वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है।

 

प्रश्न: 26 लेंस कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर:-  मुख्यतः लेंस दो प्रकार के होते हैं—उत्तल लेंस और अवतल लेंस।उत्तल लेंस में वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बनते हैं, लेकिन अवतल लेंस में केवल आभासी प्रतिबिंब बनते हैं।

 

प्रश्न:27 लेंस की क्षमता से क्या समझते हैं?

उत्तर:- किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों के अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा को उसकी क्षमता कही जाती है। लेंस की क्षमता डायोप्टर में मापी जाती है।

1 डायोप्टर उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस दूरी 1 मीटर है।

 

प्रश्न:28  उत्तल लेंस और अवतल लेंस में सचित्र अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर:- अन्तर:

(i) उत्तल लेंस में वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बनते हैं। लेकिन अवतल लेंस में हमेशा आभासी प्रतिबिंब बनते हैं।

(ii) उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहा जाता है लेकिन अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं।

प्रश्न:29  एक लेंस की क्षमता 5D है तो इसके फोकस दूरी क्या होगी?

उत्तर:-  P=1/f(मी), 5 = 1/f

• f=1/5 मीटर = 20 सेमी

लेंस की फोकस दूरी = 20 सेमी है।

उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक और अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।

 

प्रश्न:30  लेंस में कितने मुख्य फोकस होते हैं?

उत्तर:- जैसा कि हम जानते हैं कि प्रकाश लेंस के दोनों ओर से होकर जा सकता है। अत: यही कारण है कि प्रत्येक लेंस में दो मुख्य फोकस होते हैं। लेंस के दोनों ओर एक – एक फोकस होते हैं।

 

प्रश्न:31   कौन-सा लेंस वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार का प्रतिबिम्ब बनाता है?

उत्तर:- उत्तल लेंस वास्तविक और अभासी दो प्रकार के प्रतिबिम्ब बनाता है। जब बिम्ब फोकस के बाहर हो तो लेंस वास्तविक प्रतिबिम्ब और जब बिम्ब फोकस के भीतर हो तो आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है।

 

प्रश्न:32  बिना स्पर्श के उत्तल लेंस, अवतल लेंस तथा कांच के वृत्ताकार प्लेट की पहचान कैसे की जाती है?

उत्तर:- दोनों तरह के लेंसों और काँच की प्लेट को बारी-बारी से अपने हाथ से पकड़कर किसी पुस्तक के छपे पृष्ठ के निकट लाते हैं और इनसे होकर छपे अक्षरों को देखते हैं-

(i) यदि पुस्तक के छपे अक्षर अपने वास्तविक आकार से बड़े दिखाई पड़ते हैं, तो यह उत्तल लेंस है।

(ii) यदि पुस्तक के छपे अक्षर अपने वास्तविक आकार के बराबर दिखाईrपड़ते हैं, तो यह काँच का प्लेट है।

(iii) यदि पुस्तक के छपे अक्षर अपने वास्तविक आकार से छोटे दिखाई पड़ते हैं, तो यह अवतल लेंस है।

 

प्रश्न:33 उत्तल लेंस से वास्तविक प्रतिविम्ब का बनना किरण आरेख से समझा।

उत्तर:- 

XX’ पर वस्तु AB है।

L उत्तल लेंस है। इसका वास्तविक प्रतिबिम्ब A’B’ बनता है जो उल्टा और आवर्धन है।

 

प्रश्न:34  अवतल लेंस द्वारा किसी वस्तु के प्रतिबिंब बनने की क्रिया का किरण आरेख (Ray diagram) खींचें।

उत्तर:- जैसा कि नीचे के चित्र से स्पष्ट है कि वस्तु OA का प्रतिबिंब IB बनता है। इस स्थिति में प्राप्त प्रतिबिंब काल्पनिक (आभासी), सीधा और वस्तु से आकार में छोटा होता है।

 

 

प्रश्न:35 सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है?

उत्तर:- क्षितिज के समीप नीले तथा कम तरंगदैर्घ्य के प्रकाश का अधिकांश भाग कणों द्वारा प्रकीर्ण हो जाता है। इसलिए हमारे नेत्रों तक पहुँचने वाला प्रकाश अधिक तरंगदैर्घ्य का होता है। इससे सूर्योदय या सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ प्रतीत होता है।

 

प्रश्न:36  उत्तल लेंस के 2F पर स्थित वस्तु के प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया का किरण आरेख खींचें।

उत्तर:-  जब बिम्ब 2F, पर हो तो उत्तल लेंस में प्रतिबिम्ब लेंस के पीछे 2F पर बनता है। प्रतिबिम्ब वास्तविक और बिम्ब साइज के बराबर होता है।

 

 

प्रश्न:37  लेंस के प्रकरण में आवर्धन की गणना लिखें।

उत्तर:- उत्तल लेंस में आवर्धन m उस स्थिति में धनात्मक होती है जब उसके द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी है तथा उस स्थिति में ऋणात्मक होता है जब उसके द्वारा बना प्रतिबिंब वास्तविक है। लेकिन अवतल लेंस में आवर्धन सदैव ही धनात्मक होता है।

 

प्रश्न:38  लेंस की क्षमता (power) से आप क्या समझते हैं? इसके मात्रक को

उत्तर:-  लेंस की क्षमता, लेस की फोकस-दूरी के व्युत्क्रम द्वारा दर्शायी जाती है। यानी, P=1/f: जहाँ P लेंस की क्षमता है तथा f लेंस की फोकस-दूरी है। जब f को मीटर में मापा जाता है तो P का मात्रक डाइऑप्टर (Diopter) कहा जाता है। अतः लेंस का S. I. मात्रक डाइऑप्टर होता है।

 

प्रश्न:39  एक लेंस की क्षमता +10 डाइऑप्टर है। इसकी फोकस दूरी और लेंस के प्रकार को बतायें।

उत्तर:- सूत्र P=1/f के अनुसार,

यहाँ P = + 10 डाइऑप्टर है।

f=1/P=1/+10=0.1m

चूँकि फोकस दूरी धनात्मक है, इसलिए यह उत्तल लेंस है।

 

प्रश्न:40  अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं, क्यों?

उत्तर:- अवतल लेंस के द्वारा समांतर प्रकाश की किरणें आपतन के बाद अपवर्तित होकर आपस में फैलती जाती हैं। यानी अवतल लेंस प्रकाश के समांतर किरणों को अपसरित कर देता है। अवतल लेंस को इसी गुण के कारण अपसारी लेंस कहते हैं।

 

प्रश्न:41  उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस क्यों कहा जाता है?

उत्तर:- उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहा जाता है यानी अक्ष के समानांतर चलने वाली सभी आपतित किरणें लेंस से अपवर्तित होकर मुख्य अक्ष के एक बिंदु (F) पर संसृत होती हैं। अतः उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहा जाता है।

 

प्रश्न:42  किसी अवतल लेंस के सामने एक बिम्ब जो लेंस के फोकस और वक्रता केंद्र के बीच रखा गया है। किरण आरेख द्वारा प्रतिबिंब के बनने की क्रिया को समझावें। प्रतिबिंब की प्रकृति, स्थिति एवं आकार बतावें।

उत्तर:- A’B’ प्रतिबिंब काल्पनिक बनेगा और प्रतिबिंब F और 0 के बीच बनेगा। यह आकार में छोटा होता है। AB वस्तु F और 2 F के बीच स्थित है।

 

 

प्रश्न:43  चित्र की सहायता से उत्तल तथा अवतल लेंसों की फोकस दूरी एवं मुख्य अक्ष की व्याख्या करें।

उत्तर:- फोकस दूरी (Focal length) लेंस की फोकस दूरी प्रकाशीय केंद्र (Optical centre) एवं मुख्य फोकस (principal focus) के बीच की दूरी होती है। फोकस दूरी को प्राय: अंग्रेजी लेटर f’ के द्वारा दर्शाया जाता है। नीचे के चित्र में PF = फोकस दूरी (f)

मुख्य अक्ष (Principal axis) – लेंस के सतहों के वक्रता केंद्रों को मिलानेवाली रेखा को मुख्य अक्ष कहते हैं। नीचे के चित्र में लेंस के मुख्य अक्ष को C1C2से निरूपित किया गया है।

 

प्रश्न:44  उत्तल लेंस को सूर्य के सामने रखकर सूर्य देखना खतरनाक है क्यों?

उत्तर:- सूर्य से चलने वाला प्रकाश किरण समांतर होती है। जब उत्तल लेंस पर समांतर किरणें पड़ती हैं तो F (फोकस) पर फोकसित होती हैं। यह संसृत प्रकाश आँख पर पड़ने पर आँख की पुतली जल सकती है। ऐसी हालत में उत्तल लेंस से सूर्य को देखना खतरनाक होगा।

 

प्रश्न:45 किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिम्ब का पूरा प्रतिबिंब बना पायेगा? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपनी प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर:- उत्तल लेंस के आधे भाग को काले कागज से ढक देने पर प्रतिबिंब बनेगा। इस कथन को समझने के लिए उत्तल लेंस में बनने वाले प्रतिबिंब को दिखाया

प्रतिबिंब बनने के रेखा चित्र से स्पष्ट है कि उत्तल लेंस प्रतिबिंब बनाने के लिए प्रधान अक्ष के ऊपर के भाग का ही उपयोग करता है। अगर आधा भाग काले कागज से ढक दिया जाए, फिर भी प्रतिबिंब बनेगा।

 

प्रश्न:46   वास्तविक और आभासी प्रतिबिंब में अंतर बतावें।

उत्तर:-  वास्तविक और आभासी प्रतिबिंब में निम्नलिखित अंतर हैं_

 

प्रश्न:47  किरण क्या है?

उत्तर:- प्रकाश के बिन्दु पथ को किरण कहते हैं। किरण तीन प्रकार के होते हैं—संसृत किरण पुंज, अपसृत किरण पुंज और समांतर किरण पुंज। परवलयिक दर्पण संसृत किरण पुंज उत्पन्न करता है। उत्तल दर्पण द्वारा अपसृत किरण पुंज और समतल दर्पण द्वारा समांतर किरण पुंज उत्पन्न होता है।

 

प्रश्न:48  पाश्विक विस्थापन से आप क्या समझते हैं?

अथवा, काँच के आयताकार शिल्ली में अपवर्तन के दो किरणों को दिखावें।

उत्तर-किसी स्लैब से होकर गुजरने वाली किरण के लिए आपतित किरण और निर्गत किरण एक दूसरे के समांतर होती हैं। इन दोनों किरणों के बीच की लाम्बिक दूरी को पाश्विक विस्थापन कहते हैं।

 

प्रश्न:49   विवर्तन क्या है?

उत्तर:- यदि प्रकाश के पथ में रखी अपारदर्शी वस्तु अत्यन्त छोटी हो, तो प्रकाश सरल रेखा में चलने की बजाय इसके किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति दर्शाता है—इस प्रभाव को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं।

 

प्रश्न:50  नई कार्तीय चिह्न परिपाटी के अनुसार गोलीय लेंस में आवर्धन किस प्रकार बदलता है?

उत्तर:- किसी उत्तल लेंस के प्रकरण में आवर्धन जब प्रतिबिम्ब आभासी होता है तब धनात्मक तथा जब प्रतिबिम्ब वास्तविक होता है तब ऋणात्मक होता है। किसी अवतल लेंस के प्रकरण में आवर्धन अवतल लेंस द्वारा सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बनाने के कारण सदैव धनात्मक होता है।

 

प्रश्न:51   प्रधान फोकस और फोकस में क्या अंतर है?

उत्तर:- प्रधान फोकस दर्पण के प्रधान अक्ष पर पाया जाता है। लेकिन प्रकाश की समांतर किरणें दर्पण से परावर्तित होने के बाद एक बिंदु पर फोकसित होती हैं। यह बिंदु फोकस कहलाता है।

 

प्रश्न:52  एक बिम्ब का आवर्धन ज्ञात करें यदि यह 10 सेमी लम्बा हो और 5 सेमी की दूरी पर अवतल दर्पण में रखा जाता है। प्रतिबिंब 15 सेमी दूरी पर बनता है।

उत्तर:- आवर्धन (m) = प्रतिबिम्ब का आकार/ बिम्ब का आकार = v/u

= L /10=15/5 = 3 (आवर्धन) L = 30 सेमी।

आवर्धन = 3, प्रतिबिंब की लंबाई = 30 सेमी।

 

प्रश्न:53  आपको किरोसिन, तारपीन का तेल तथा जल दिए गए हैं। इनमें से किसमें प्रकाश की चाल अधिकतम होगी?

उत्तर:-  जल का अपवर्तनांक 1.33, किरोसिन का अपवर्तनांक 1.44, तारपीन के तेल का अपवर्तनांक 1.47 है। जल में प्रकाश की चाल अधिकतम होगी। तारपीन के तेल में प्रकाश की चाल न्यूनतम होगी।

 

प्रश्न:54   निम्नलिखित द्रव्यात्मक माध्यमों का अपवर्तनांक लिखें एवं किसका अपवर्तनांक न्यूनतम व किसका अधिकतम है?

(1) वायु 

(ii) जल 

(iii) एल्कोहल

 (iv) किरोसीन 

(v) तारपीन का तेल 

(vi) बेंजीन।

उत्तर:- 

(i) वायु का अपवर्तनांक न्यूनतम = 1.0003

(ii) जल का अपवर्तनांक = 1.33

(iii) एल्कोहल का अपवर्तनांक = 1.36

(iv) किरोसीन का अपवर्तनांक = 1.44

(v) तारपीन के तेल का अपवर्तनांक = 1.47

(vi) बेंजीन का अपवर्तनांक महत्तम है = 1.50

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