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Class 9 Science Subjective Question Chapter - 3 परमाणु एवं अणु

Class 9 Science Subjective Question Chapter – 3 परमाणु एवं अणु

                                                                       -:  अतिलघु उत्तरीय प्रश्न  :-

 

प्रश्न:1  परमाणु सिद्धान्त के प्रणेता कौन थे?

उत्तर:- डाल्टन।

 

प्रश्न:2  यौगिक परमाणु की परिकल्पना सर्वप्रथम किसने की?

उत्तर:- डाल्टन ने।

 

प्रश्न:3 तत्व के संकेत से क्या समझते हैं ?

उत्तर:- संकेत किसी तत्व के पूर्ण नाम का एक संक्षिप्त रूप है।

 

प्रश्न:4  तत्व का ग्राम-परमाणु दव्यमान क्या है?

उत्तर:- जब तत्व के परमाणु द्रव्यमान को ग्राम में व्यक्त किया जाता है तो वह ग्राम-परमाणु द्रव्यमान कहलाता है।

 

प्रश्न:5  सोडियम और क्लोरीन के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 23 और 35.5 हैं, सोडियम क्लोराइड ( NaCl ) का सूत्र द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर:- सोडियम क्लोराइड का सूत्र द्रव्यमान = ( सोडियम का परमाणु द्रव्यमान ) + ( क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान )

= 23 + 35.5 = 58.5

 

प्रश्न:6  Ca का परमाणु द्रव्यमान 40 और CaCO3 आणविक द्रव्यमान 100 है। CaCO3 में Ca का प्रतिशत क्या है?

उत्तर:- CaCO3 में Ca का द्रव्यमान 40 है तथा CaCO3 का आणविक द्रव्यमान 100 है।

CaCO3 का द्रव्यमान = (40/100)x100% = 40%

           अर्थात् CaCO3 में Ca का प्रतिशत मात्रा 40% है।

 

प्रश्न:7 परमाणु क्या है?

उत्तर:- किसी तत्व का अंतिम सूक्ष्मतम कण, जो रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग ले सकता है, परमाणु कहलाता है।

 

प्रश्न:8  कैल्सियम नाइट्रेट का अणु सूत्र लिखें।

उत्तर:-  CaNO3

 

प्रश्न:9  तत्व की संयोजकता क्या है?

उत्तर:-  किसी तत्व के अन्य तत्वों से संयोग करने की क्षमता को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं।

 

प्रश्न:10 आयन क्या है?

उत्तर:- कुछ यौगिक आवेशित कणों के बने होते हैं। आवेशयुक्त ये कण आयन कहलाते हैं।

 

प्रश्न:11 निम्नलिखित के रासायनिक सूत्र लिखें-

           (a) कैल्सियम क्लोराइड

            (b) ऐलुमिनियम नाइट्रेट

उत्तर:- 

(a) कैल्सियम क्लोराइड – CaCl2

(b) ऐलुमिनियम नाइट्रेट – AINO3

प्र

श्न:12  अमोनियम क्लोराइड में उपस्थित तत्वों के नाम लिखें।

उत्तर:- अमोनिया और क्लोरीन।

 

प्रश्न:13 ऑक्सीजन परमाणुओं के 1 मोल का द्रव्यमान क्या है ?

उत्तर:- 16 ग्राम

 

प्रश्न:14  निम्नलिखित को मोल में परिवर्तित करें-

(a) 28g नाइट्रोजन के परमाणु

(b) 22g कार्बन डाइऑक्साइड

उत्तर:- 

(a) नाइट्रोजन के मोलों की संख्या ग्राम में नाइट्रोजन का द्रव्यमान/ नाइट्रोजन का ग्राम परमाणु द्रव्यमान = 24 / 28 = 2 मोल

(b) कार्बन डाइऑक्साइड के मोलों की संख्या = कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान / कार्बन डाइऑक्साइड का ग्राम आणविक द्रव्यमान

= ( 22/12+16×2) = 22/44 = 5 मोल

 

प्रश्न:15 परमाणु द्रव्यमान व्यक्त करने के लिये आजकल किस तत्व को प्रामाणिक माना। गया है?

उत्तर:- ऑक्सीजन (O2)

 

प्रश्न:16 नाइट्रोजन का रासायनिक संकेत क्या है?

उत्तर:-  N

 

प्रश्न:17 समान द्रव्यमान वाले दो फ्लास्क A और B में से A में 5 मोल CH4 है, जबकि B में 5 मोल NH3 है। बताएँ कि इन दोनो पलास्कों में किसका भार ज्यादा होगा?

उत्तर:- A का।

 

प्रश्न:18 CH3COONa में धनायन और ऋणायन की पहचान करें।

उत्तर:- ऋणायन।

 

प्रश्न:19 P4O10 अणु की परमाणुकता क्या है ?

उत्तर:- बहुपरमाणुक

 

प्रश्न:20 आवेशयुक्त परमाणु या परमाणुओं के समूह को क्या कहते है?

उत्तर:- आयन

 

प्रश्न:21  किसी तत्त्व के परमाणु की संरचना के अध्ययन में किस माइक्रोस्कोप का प्रयोग होता है?

उत्तर:- इलेक्ट्रॉन टनेलिंग माइक्रोस्कोप

 

प्रश्न:22 ऑक्सीजन परमाणुओं के 2 मोल का द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर:- 32

             

 

                                                                                -:  लघु उत्तरीय प्रश्न  :-

 

प्रश्न:1  स्थिर अनुपात का नियम लिखें।

उत्तर:- स्थिर अनुपात का नियम डाल्टन के परमाणु-सिद्धांत के अनुसार, किसी तत्व के सभी परमाणु समान द्रव्यमान वाले होते हैं और ये सरल सांख्यिक अनुपात में संयोग करके यौगिक परमाणु बनाते हैं। अतः किसी यौगिक परमाणु में तत्वों के द्रव्यमानों का अनुपात भी निश्चित होता है।

 

प्रश्न:2 किसी पदार्थ A के 5.2g दूसरे पदार्थ B के 2.7g के साथ संयोग करके 7.9g प्रतिफल AB बनाते हैं। कैसे सिद्ध करेंगे कि यह परिणाम द्रव्यमान की अनश्वरता के नियम का पालन करते हैं?

उत्तर:- पदार्थ की अनश्वरता के नियम के अनुसार रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप पदार्थों का कुल द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।

प्रयोग – दो परखनलियों को एक काँच की नली द्वारा चित्रानुसार जोड़ देते हैं। एक परखनली में सिल्वर नाइट्रेट (A) का जलीय विलयन और दूसरी परखनली में सोडियम क्लोराइड (B) का जलीय विलयन लेकर दोनों परखनलियों के मुँह को कागज से कसकर बंद कर देते हैं। संपूर्ण उपकरण को इस प्रकार से तौलते हैं कि दोनों विलयन परस्पर मिश्रित नहीं हों। अब उपकरण को थोड़ा टेढ़ा करके दोनों विलयनों को परस्पर मिश्रित कर दिया जाता है। दोनों विलयनों के बीच अभिक्रिया के फलस्वरूप उपकरण के अन्दर दही जैसा सफेद अवक्षेप बनता है। उपकरण को पुनः तौल लिया जाता है। इसके पहले का भार और अंतिम भार में कोई अन्तर नहीं रहता है। दोनों वजन एक समान होते हैं। इससे स्पष्ट है कि यद्यपि सिल्वर नाइट्रेट (A) और सोडियम क्लोराइड (B) के बीच रासायनिक अभिक्रिया हुयी है, फिर भी इनके कुल भार अपरिवर्तित रहते हैं।

 

प्रश्न:3  परमाणु की क्या विशेषतायें हैं ?

उत्तर:- परमाणु की दो विशेषतायें होती हैं-

(i) किसी तत्व के सभी परमाणु सदृश होते हैं, किन्तु वे अन्य तत्वों के परमाणुओं से भिन्न होते हैं, उदाहरण के लिये, सोडियम के सभी परमाणु सदृश होते हैं। परन्तु वे क्लोरीन के परमाणुओं से भिन्न होते हैं।

(ii) तत्व का प्रत्येक परमाणु तत्व के सभी गुणों को प्रदर्शित करता है। उदाहरण के लिये, सोडियम का प्रत्येक परमाणु सोडियम के सभी गुणों को प्रदर्शित करता है।

 

प्रश्न:4  किसी तत्व के संकेत से क्या सूचनायें प्राप्त होती हैं ?

उत्तर:- तत्व के संकेत से निम्नलिखित सूचनायें प्राप्त होती हैं-

(i) यह किसी विशेष तत्व का निरूपण करता है।

(ii) यह तत्व के एक परमाणु को व्यक्त करता है।

(iii) यह तत्व के एक परमाणु-द्रव्यमान का प्रतिनिधित्व करता है।

अतः संकेत H का अर्थ है-

(i) तत्व हाइड्रोजन है।

(ii) हाइड्रोजन का एक परमाणु।

(iii) हाइड्रोजन का एक परमाणु-द्रव्यमान, अर्थात् 1:008g हाइड्रोजन।

 

प्रश्न:5 सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान की व्याख्या करें।

उत्तर:- किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान एक संख्या है जो बताती है कि उस तत्व के परमाणु का द्रव्यमान कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के 12वें भाग से कितना गुना अधिक है। अत: किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान एक सापेक्ष राशि है,

अत: सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान = तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान / ( 1/12×C–12 ) परमाणु का द्रव्यमान

= 1/12×C–12 परमाणु का द्रव्यमान = 1 amu

= 1.66×10-24g = 1.66×10-27kg.

एक amu को एक डालटन ( Da ) भी कहा जाता है।

 

प्रश्न:6 अणु की परिभाषा लिखें।

उत्तर:- पदार्थ ( तत्व या यौगिक ) का सूक्ष्मतम कण जो मुक्त अवस्था में रह सकता है, अणु कहलाता है। यह दो या अधिक परमाणुओं के संयोग से बनता है।

 

प्रश्न:7 अणु की किन्हीं दो विशेषताओं को लिखें।

उत्तर:- अणु की दो विशेषतायें इस प्रकार हैं-

(i) किसी विशेष पदार्थ के सभी अणु सदृश होते हैं, उदाहरण के लिये, जल के सभी अणु एकसमान होते है।

(ii) विभिन्न पदार्थों के अणु भिन्न-भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिये, जल के अणुओं के गुण कार्बन डाइऑक्साइड के अणुओं के गुणों से पूर्णतः भिन्न होते हैं।

 

प्रश्न:8 पदार्थ के मोल से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- किसी पदार्थ का एक मोल ऐवोगाड्रो स्थिरांक ( 6.022×1023 ) के बराबर उसके कणों (अणु, परमाणु या आयन) की संख्या होती है।

अत: 1 मोल = 6.022 x 1023 अणु, परमाणु या आयन l

ग्राम-परमाणु या ग्राम-अणु को मोल कहते हैं।

 

प्रश्न:9  निम्नलिखित पदार्थों के रासायनिक सूत्र लिखें-

(a) सोडियम सल्फेट (b) सल्फर ट्राइऑक्साइड

(c) बेरियम नाइट्रेट (d) कैल्सियम फॉस्फेट

उत्तर:- 

(a) सोडियम सल्फेट – Na2SO4

(b) सल्फर ट्राइऑक्साइड – SO3

(c) बेरियम नाइट्रेट — BaNO3

(d) कैल्सियम फॉस्फेट – CaPO4

 

प्रश्न:10 डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के किन्हीं दो मान्यताओं को लिखें।

उत्तर:- डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के दो मान्यतायें ये हैं

(i) सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं और ये परमाणु खण्डित नहीं किये जा सकते हैं।

(ii) किसी भी रासायनिक प्रक्रिया द्वारा परमाणुओं का न तो निर्माण ही किया जा सकता है और न ही नाश, अर्थात् परमाणु अनश्वर होते हैं।

                    

 

                                                                            -:  दीर्घ उत्तरीय प्रश्न  :-

 

प्रश्न:1  बहुपरमाणुक आयन क्या है? कुछ उदाहरण देकर समझायें।

उत्तर:-  आयन की भाँति व्यवहार करनेवाले परमाणुओं के गुच्छे को बहुपरमाणुक आयन कहते हैं, उनपर एक निश्चित आवेश होता है, जैसे कि अमोनियम (NH4)+ ,सल्फेट (SO4)2- फॉस्फेट (PO4)2- आदि।

 

प्रश्न:2 डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की किन्हीं पाँच मान्यताओं को लिखें।

उत्तर:- डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की पाँच मान्यतायें इस प्रकार हैं-

(i) सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं और ये परमाणु खंडित नहीं किये जा सकते हैं।

(ii) किसी भी रासायनिक प्रक्रिया द्वारा परमाणुओं का न तो निर्माण ही किया जा सकता है और न ही नाश, अर्थात परमाणु अनश्वर होते हैं।

(iii) किसी तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं, अर्थात् किसी तत्व के सभी परमाणुओं के आकार, द्रव्यमान, रासायनिक गुण आदि सदृश होते हैं।

(iv) विभिन्न तत्वों के परमाणु विभिन्न आकार, द्रव्यमान, रासायनिक गुण वाले होते हैं।

(रासायनिक संयोग में विभिन्न तत्वों के परमाणु सरल सांख्यिक अनुपात ( 1 : 1, 1 : 2, 2:3 आदि ) में संयोग करते हैं।

 

प्रश्न:3 उदाहरण के साथ किसी तत्व की संयोजकता की व्याख्या करें।

उत्तर:- किसी तत्व के अन्य तत्वों से संयोग करने की क्षमता को उस तत्व की संयोजकता कहते हैं और इसकी माप हाइड्रोजन परमाणुओं की उस संख्या से की जाती है जो उस तत्व के एक परमाणु से संयोग करती है या किसी अम्ल में से उस तत्व के एक परमाणु द्वारा विस्थापित होती है।

उदाहरण- हाइड्रोजन और क्लोरीन परस्पर संयोग करके हाइड्रोजन क्लोराइड नामक यौगिक बनाते हैं। इस यौगिक में हाइड्रोजन का एक परमाणु क्लोरीन के एक परमाणु के साथ संयुक्त रहता है। अतः हाइड्रोजन और क्लोरीन की संयोजकतायें समान होती हैं अर्थात् क्लोरीन की संयोजकता 1 है।

 

प्रश्न:4 सरल सूत्र और अणुसूत्र में क्या अन्तर है ? ये दोनों किस प्रकार परस्पर संबंधित हैं?

उत्तर:-  सरल सूत्र और अणु सूत्र में निम्नलिखित अन्तर है-

(i) बेंजीन का अणुसूत्र C6H6 है अतः इसमें C और H भी परमाणुओं की संख्याओं का अनुपात 6: 6 है, इन दोनों संख्याओं का सरलतम अनुपात 1: 1 है, अत: बेंजीन का सरल सूत्र C1H1 या CH होगा।

(ii) हाइड्रोजन पर ऑक्साइड का अणुसूत्र H2O2 है, अतः इसमें H और O परमाणुओं की संख्याओं का अनुपात 2:2 है। इन दोनों संख्याओं का सरलतम अनुपात 1: 1 है। अतः हाइड्रोजन पर ऑक्साइड का सरल सूत्र H1O1 या HO होगा।

(iii) ऐसीटिक अम्ल का अणुसूत्र C2H4O2, होता है, अतः इसमें C, H और O परमाणुओं की संख्याओं का अनुपात 2:4:2 है। इन तीनों संख्याओं का सरलतम अनुपात 1:2:1 है। अतः ऐसीटिक अम्ल का सरल सूत्र C1H2O1 या CH2O होगा। कई यौगिक ऐसे भी हैं जिनके सरल सूत्र और अणुसूत्र दोनों समान होते हैं। उदाहरण के लिये, सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), अमोनिया (NH3), मेथेन (CH4), बोरॉन ट्राइक्लोराइड (BCI3) आदि।

सरल सूत्र एवं अणसूत्र के बीच संबंध–

ऊपर के उदाहरणों से स्पष्ट है कि किसी यौगिक का अणुसूत्र या तो उसके सरल सूत्र के समान होता है या सरल सूत्र का एक सरल पूर्णांक गुणक होता है।

अतः, K =nx सरल सूत्र

n = 1,2,3 आदि हैं।

जब किसी यौगिक के सरल सूत्र और अणुसूत्र समान होते हैं तब n= 1.

 

प्रश्न:5 ग्राम- आणविक द्रव्यमान क्या है निम्नलिखित पदार्थों के आणविक द्रव्यमान की गणना करें

(a) Ca3(PO4)2

(b) H2PO4

(c) H2SO4

(d) NaNO3

उत्तर:- आणविक द्रव्यमान को ग्राम में व्यक्त करने पर वह ग्राम-अणु या ग्राम-आणविक द्रव्यमान कहलाता है।

अतः पदार्थ का आणविक द्रव्यमान = पदार्थ के एक अणु का द्रव्यमान / कार्बन- परमाणु के द्रव्यमान का 12वाँ

(a) Ca3(PO4)2 = 40×3+ ( 30+ 16 x 4 ) x 2

= 120 + ( 30 +64 ) x 2

= 120 + (94) x 2

= 120 +188 = 308 ग्राम

 

(b) H3PO4 = 1×3+30+16 x 4=3+30 + 64

= 33 + 64

= 97 ग्राम

 

(c) H2SO4 = 1 x 2 + 32 + 16 x 4

= 2+32+64

= 34 + 64

= 98 ग्राम

     

  (d) NaNO3 = 23+14+16 x 3

=37+ 48

= 85 ग्राम

 

प्रश्न:6 निम्नलिखित यौगिकों का रासायनिक सूत्र लिखें-

(a) कैल्सियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (b) सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट (c) ऐलुमिनियम सल्फेट (d) क्युप्रस क्लोराइड (e) कॉपर सल्फेट।

उत्तर:- 

(a) कैल्सियम हाइड्रोजन कार्बोनेट – CaHCO3

(b) सोडियम हाइड्रोजन सल्फेट – NaHSO4

(c) ऐलुमिनियम सल्फेट – AI2(SO4)3

(d) क्युप्रस क्लोराइड – Cu2Cl2

(e) कॉपर सल्फेट – CuSO4

 

प्रश्न:7  मोल के महत्व पर प्रकाश डालें।

उत्तर:- मोल के निम्नलिखित महत्व हैं-

(i) यह पदार्थ के 6.022 x 1023 कणों का निरूपण करता है।

(ii) किसी तत्व के 1 मोल का द्रव्यमान उसके 6.022 x 1023 परमाणुओं के कुल द्रव्यमानों के बराबर होता है।

(iii) पदार्थ का एक मोल उस पदार्थ के एक ग्राम-सूत्र द्रव्यमान को व्यक्त करता है।

उदाहरण के लिये, हाइड्रोजन क्लोराइड (HCI) का 1 मोल = ( 1+ 35.5 )g या 36.5g हाइड्रोजन क्लोराइड। अतः मोल हाइड्रोजन क्लोराइड के 6.022×1023 अणुओं के कुल द्रव्यमान का निरूपण करता है।

(iv) मानक ताप और दाब पर किसी गैस के एक मोल का द्रव्यमान 22.4L होता है। ( मानक ताप = 0°C या 273 K और मानक दाब = पारा का 76 cm दाब। )

 

प्रश्न:8  उदाहरण के साथ स्थिर अनुपात के नियम को समझायें।

उत्तर:- इस नियम का प्रतिपादन 1789 में प्राउस्ट ने किया था। इस नियम के अनुसार किसी रासायनिक यौगिक के सभी शुद्ध नमूनों में एक ही प्रकार के तत्व भार के विचार से हमेशा एक निश्चित अनुपात में परस्पर संयुक्त रहते हैं।

उदाहरण-  जल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का एक यौगिक है। यह विभिन्न स्रोतों ( नदी, समुद्र, कुआँ आदि ) से प्राप्त किया जाता है तथा इसे प्रयोगशाला में भी संश्लेषित किया जा सकता है। हम किसी भी स्रोत से जल प्राप्त कर, सदा पायेंगे कि भार के विचार से उसके 9 भाग में 1 भाग हाइड्रोजन और 8 भाग ऑक्सीजन है। अतः जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का यह अनुपात सदैव निश्चित रहता है।

     

 

                                                                       -:  आंकिक प्रश्न  :-

 

प्रश्न:1 5g कैल्सियम में कितने मोल है?

उत्तर:-  कैल्सियम के मोलों की संख्या = ग्राम में कैल्सियम का द्रव्यमान / कैल्सियम का ग्राम परमाणु द्रव्यमान

= 5/40

= 1/8

= 0.125

 

प्रश्न:2 निम्नलिखित में मोलों की संख्या ज्ञात करें-

(a) 128g ऑक्सीजन

( b ) 68g अमोनिया

उत्तर:- (a) ऑक्सीजन के मोलों की संख्या = ग्राम में ऑक्सीजन का द्रव्यमान / ऑक्सीजन का ग्राम परमाणु द्रव्यमान

= 128/16

= 8

(b) अमोनिया के मोलों की संख्या = ग्राम में अमोनिया का द्रव्यमान / अमोनिया का ग्राम परमाणु द्रव्यमान

= 64/NH3

= 64/(14+1×3)

= 64/17

= 4

 

प्रश्न:3  0.5 मोल हाइड्रोजन में अणुओं की संख्या क्या है ?

उत्तर:- 1 मोल हाइड्रोजन के अणु = 6.022 x 10²³

0.5 मोल हाइड्रोजन अणु = 6.022 x 10²³ x 0.5 = 3.01 x 10²³

 

प्रश्न:4  3 मोल परमाणुओं का ग्राम में द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर:- मोल N ( नाइट्रोजन ) का परमाणु द्रव्यमान = 14.007

3 मोल नाइट्रोजन परमाणु का ग्राम में द्रव्यमान

=3 x 14.007 = 42g

 

प्रश्न:5  हाइड्रोजन के 12.0 x 1014⁴ परमाणुओं के द्रव्यमान की गणना करें।

उत्तर:-  हाइड्रोजन का ग्राम-परमाणु द्रव्यमान =12.0×10¹⁴

हाइड्रोजन के 6.022 x 10²³ परमाणुओं का द्रव्यमान = 12.0×10¹⁴

1 परमाणु का द्रव्यमान = 12.0× 1014 /6.022 x 1023 g = 1.99 x 10-9 g

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